गुजरात की आस्था का महापर्व: 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न

गुजरात की आस्था का महापर्व: 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न

अहमदाबाद, गुजरात | 16 जुलाई 2026

गुजरात की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान मानी जाने वाली भगवान जगन्नाथ की 149वीं भव्य रथ यात्रा आज अहमदाबाद में श्रद्धा, उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाली गई। सुबह मंगला आरती और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ श्री जगन्नाथ मंदिर, जमालपुर से यात्रा का शुभारंभ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

रथ यात्रा गुजरात का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर आयोजित होने वाली यह यात्रा भगवान जगन्नाथ के अपनी मौसी के घर जाने का प्रतीक मानी जाती है। यात्रा पारंपरिक मार्ग से गुजरते हुए सारसपुर पहुंची, जहां भगवान को विशेष महाभोग अर्पित किया गया और हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पूरे यात्रा मार्ग पर 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल, ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और आधुनिक निगरानी प्रणाली तैनात की गई। श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई।

रथ यात्रा में पारंपरिक अखाड़ों के करतब, सजे-धजे हाथी, धार्मिक झांकियां, भजन मंडलियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे मार्ग पर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आयोजन में भाग लेकर गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया।

अहमदाबाद की जगन्नाथ रथ यात्रा को पुरी के बाद देश की सबसे महत्वपूर्ण रथ यात्राओं में गिना जाता है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी इस महापर्व को और भी भव्य बनाती है।

जय जगन्नाथ!